TPE और PVC दोनों में अनेक फ़ॉर्मूलेशन होते हैं। तुलना में विशिष्ट ग्रेड और तैयार हिस्सा पहचानना चाहिए; पूरी श्रेणी को हैलोजन, प्लास्टिसाइज़र या भारी धातुओं से मुक्त अथवा गैर-विषैला नहीं मानना चाहिए।

कठोरता, घनत्व, कम तापमान पर व्यवहार, स्पर्श, घर्षण प्रतिरोध, फिसलन संबंधी आवश्यकताओं, प्रसंस्करण और लागत की तुलना करें। सामग्री बदलने के लिए साँचे और उपकरण, प्रक्रिया तथा उपयोग में प्रदर्शन की भी जाँच ज़रूरी है।

मूल लेख में फ़ॉर्मूलेशन या परिस्थितियाँ बताए बिना माइक्रो-इंजेक्शन और स्लश मोल्डिंग जैसी विधियों का उल्लेख था। इन उदाहरणों से यह तय नहीं होता कि सभी TPE किसी विशेष प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं या नहीं।